जम्मू कश्मीर के पुंछ में बारिश बनी आफत, भूस्खलन से एक ही परिवार के सात लोगों की मौत
जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश तबाही का कारण बनती जा रही है। पुंछ जिले के लोरन गांव में भारी बारिश के बाद हुए भूस्खलन ने एक पूरे परिवार को अपनी चपेट में ले लिया। मिट्टी से बना एक मकान अचानक ढह गया, जिससे सात लोगों की मौत हो गई। प्रशासन के मुताबिक मृतकों में चार महिलाएं भी शामिल हैं, जबकि राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। जिले में बारिश से जुड़ी घटनाओं में अब तक 17 लोगों की जान जा चुकी है और छह लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।
लोरन गांव में मलबे में दबा पूरा परिवार
अधिकारियों के अनुसार यह हादसा पुंछ के ऊंचाई वाले लोरन गांव में हुआ, जहां लगातार बारिश के कारण पहाड़ी का बड़ा हिस्सा खिसक गया। भूस्खलन की चपेट में आया मकान पूरी तरह मिट्टी से बना था, जो मलबे के दबाव को सहन नहीं कर सका। घटना के बाद स्थानीय प्रशासन, पुलिस और राहत दल मौके पर पहुंचे और मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए अभियान शुरू किया। बीजेपी जम्मू-कश्मीर अध्यक्ष रवींद्र रैना ने भी हादसे पर गहरा दुख जताया और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में बारिश से तबाहील
गातार हो रही बारिश का असर सिर्फ पुंछ तक सीमित नहीं है। बटोत-किश्तवाड़ नेशनल हाईवे पर भी भूस्खलन के कारण एक बस पर पत्थर गिर गए, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई और छह अन्य घायल हो गए। प्रदेश के कई इलाकों में सड़कें बंद हैं, निचले क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं और जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अपना दिल्ली दौरा बीच में ही छोड़कर जम्मू-कश्मीर लौटने का फैसला किया।
प्रशासन की अपील, मौसम को लेकर सतर्क रहने की जरूरत
मौसम विभाग की चेतावनी के बीच प्रशासन ने लोगों से पहाड़ी और संवेदनशील इलाकों में अनावश्यक आवाजाही से बचने की अपील की है। लगातार हो रही बारिश के कारण भूस्खलन का खतरा अभी भी बना हुआ है। राहत एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बनाए हुए हैं और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि हालात सामान्य होने तक लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की आवश्यकता है।