सागर में जहरीली शराब का कहर, 14 लोगों की मौत से मचा हड़कंप, 20 लोगों पर FIR
मध्य प्रदेश के सागर जिले में कथित जहरीली शराब से हुई मौतों के मामले ने प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई तेज कर दी है। बंडा क्षेत्र में शराब पीने के बाद लोगों की तबीयत बिगड़ने और मौतों के सिलसिले के बीच पुलिस ने 20 लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की है। आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के साथ आबकारी अधिनियम की धारा 49-A के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब इस पूरे मामले में अवैध शराब के निर्माण से लेकर उसकी बिक्री और सप्लाई तक के नेटवर्क की जांच कर रही है।
शराब पीने के बाद बिगड़ी लोगों की हालत
पुलिस के मुताबिक, 5 सितंबर की रात बंडा और आसपास के गांवों में शराब पीने के बाद कई लोगों की तबीयत अचानक खराब हो गई। इसके बाद उन्हें अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया। अब तक इस मामले में 14 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है, जबकि 84 मरीजों का अस्पतालों में इलाज चल रहा है। एक गंभीर मरीज की हालत को देखते हुए उसे एयरलिफ्ट कर भोपाल स्थित एम्स भेजा गया है।
20 लोगों पर दर्ज हुई एफआईआर
नौराज गांव निवासी 52 वर्षीय अनूप सिंह लोधी की शिकायत के आधार पर बंडा थाने में 20 लोगों के खिलाफ नामजद मामला दर्ज किया गया है। एफआईआर में जुझार लोधी, दिनेश लोधी, सौरभ लोधी, गोविंद लोधी समेत कई लोगों के नाम शामिल हैं। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इलाके में चोरी-छिपे अवैध शराब की बिक्री की जा रही थी। यह भी आरोप है कि सस्ती शराब में कथित तौर पर मिलावट कर उसे ब्रांडेड शराब के नाम पर बेचा जा रहा था।
70 रुपये की शराब पीने के बाद मौत का आरोप
शिकायत में एक घटना का जिक्र करते हुए बताया गया है कि 4 सितंबर की शाम अनूप सिंह अपने भतीजे राजेंद्र सिंह लोधी के साथ जुझार लोधी की दुकान पर गया था। वहां उन्हें एक नए और सस्ते ब्रांड की शराब के बारे में बताया गया। राजेंद्र ने शराब की गुणवत्ता को लेकर आशंका जताई, लेकिन कथित तौर पर उसे नया ब्रांड बताकर भरोसा दिलाया गया। इसके बाद उसने 70 रुपये में देशी शराब का एक क्वार्टर खरीदा। शराब पीने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस अब इस मामले में शराब के स्रोत और उसकी सप्लाई से जुड़े लोगों की भूमिका खंगाल रही है।
आबकारी विभाग के अधिकारियों पर भी गिरी गाज
मामले को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार ने आबकारी विभाग के अधिकारियों पर भी कार्रवाई की है। सहायक आयुक्त आबकारी सागर कीर्ति दुबे, सहायक जिला आबकारी अधिकारी दिलीप खंडाते और बंडा क्षेत्र की आबकारी उप निरीक्षक प्रोशनी उरेती को निलंबित कर दिया गया है। वहीं उपायुक्त एवं संभागीय फ्लाइंग स्क्वाड प्रभारी नीरजा श्रीवास्तव को मुख्यालय ग्वालियर अटैच किया गया है। इसके अलावा गूगरा चौकी प्रभारी और बंडा थाना प्रभारी को भी निलंबित किया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और अवैध शराब के पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए कार्रवाई की जा रही है।