रात में बार-बार खुलती है नींद? न करें नजरअंदाज, इस बीमारी से हो सकता है कनेक्शन
रात में अचानक आंख खुल जाना भले ही सामान्य लगे, लेकिन अगर यह रोज की आदत बन जाए तो शरीर और दिमाग के लिए परेशानी का संकेत हो सकता है। कई लोग रात में बार-बार जागने के बाद दोबारा सो नहीं पाते, जिससे अगले दिन थकान, तनाव और चिड़चिड़ापन महसूस होता है। इसके पीछे खराब नींद की आदतों से लेकर तनाव, अनिद्रा और स्लीप एपनिया जैसी समस्याएं जिम्मेदार हो सकती हैं। ऐसे में समय रहते वजह समझना बेहद जरूरी है।
तनाव और गलत स्लीप रूटीन भी हो सकती है वजह
रात में नींद टूटने की सबसे आम वजहों में तनाव और चिंता शामिल हैं। दिनभर की परेशानियां दिमाग में चलती रहने से नींद बार-बार बाधित हो सकती है। इसके अलावा असहज बिस्तर, गलत तकिया, कमरे का वातावरण या सोने का अनियमित समय भी नींद को प्रभावित कर सकता है। अगर लंबे समय तक यह समस्या बनी रहे तो इसके पीछे अनिद्रा या स्लीप एपनिया जैसी नींद से जुड़ी समस्या भी हो सकती है।
बार-बार जागना हो सकता है अनिद्रा का संकेत
अनिद्रा केवल रात में नींद न आने तक सीमित नहीं है। रात में बार-बार आंख खुलना, जागने के बाद दोबारा नींद न आना या सुबह से पहले ही नींद खुल जाना भी इसके लक्षण हो सकते हैं। लगातार पर्याप्त नींद न मिलने पर दिनभर थकान, ऊर्जा की कमी और चिड़चिड़ापन महसूस हो सकता है, जिससे रोजमर्रा के काम और मानसिक एकाग्रता पर भी असर पड़ता है।
खर्राटों के साथ सांस रुकना हो तो सावधान
स्लीप एपनिया नींद से जुड़ी एक ऐसी समस्या है जिसमें सोते समय व्यक्ति की सांस बार-बार रुक सकती है। तेज खर्राटे, अचानक घुटन महसूस होना या रात में हड़बड़ाकर उठना इसके संकेत हो सकते हैं। कई बार व्यक्ति को खुद इस समस्या का पता नहीं चलता और परिवार के सदस्य उसके खर्राटों या सांस रुकने की समस्या को देखकर इसकी पहचान करते हैं। ऐसे लक्षण लगातार नजर आएं तो उन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
अच्छी नींद के लिए बदलें रोज की आदतें
बेहतर नींद के लिए दिनभर एक्टिव रहना और सोने-जागने का समय नियमित रखना मददगार हो सकता है। सोने से पहले मोबाइल, लैपटॉप और दूसरे गैजेट्स का इस्तेमाल कम करना बेहतर है। इसकी जगह किताब पढ़ना, धीमा संगीत सुनना या कोई शांत गतिविधि करना नींद के लिए अनुकूल माहौल बना सकता है। साथ ही आरामदायक गद्दे और सही तकिए का इस्तेमाल भी जरूरी है। अगर रात में बार-बार नींद खुलने की समस्या लगातार बनी रहती है, तो इसके कारण की जांच के लिए डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर रहेगा।