माइग्रेन सिर्फ सिरदर्द नहीं, शरीर में दिखते हैं ये 7 संकेत; भूलकर भी न करें नजरअंदाज
माइग्रेन का नाम सुनते ही ज्यादातर लोगों के दिमाग में तेज सिरदर्द की तस्वीर आती है, लेकिन यह समस्या केवल सिर तक सीमित नहीं होती। इसके दौरान व्यक्ति को मतली, रोशनी और आवाज से परेशानी के साथ-साथ थकान और कमजोरी जैसी दिक्कतें भी हो सकती हैं। कई बार माइग्रेन शुरू होने से पहले शरीर कुछ संकेत देता है, जिन्हें पहचानना मुश्किल हो सकता है। इसलिए बार-बार होने वाले सिरदर्द और उससे जुड़े बदलावों को समझना जरूरी है।
माइग्रेन आने से पहले शरीर देता है संकेत
माइग्रेन का अटैक शुरू होने से पहले कुछ लोगों में शरीर और व्यवहार में बदलाव नजर आ सकते हैं। मूड में बदलाव, गर्दन में अकड़न, बार-बार उबासी आना, किसी खास खाने की इच्छा बढ़ना या सामान्य से ज्यादा पेशाब आना ऐसे संकेतों में शामिल हो सकते हैं। हालांकि हर व्यक्ति में ये लक्षण एक जैसे दिखाई दें, यह जरूरी नहीं है।
मतली और रोशनी से परेशानी भी लक्षण
माइग्रेन के दौरान तेज या धड़कता हुआ सिरदर्द होने के साथ मतली और उल्टी की समस्या हो सकती है। कई लोगों को तेज रोशनी और आवाज बिल्कुल पसंद नहीं आती, जबकि कुछ लोगों को तेज गंध या शरीर को छूने से भी परेशानी बढ़ सकती है। ऐसे समय में सामान्य काम, पढ़ाई या आराम करना भी मुश्किल हो सकता है और व्यक्ति को शांत माहौल की जरूरत महसूस होती है।
आंखों के सामने चमकना हो सकता है ऑरा
कुछ लोगों में माइग्रेन के साथ ऑरा की समस्या भी देखी जाती है। इसमें आंखों के सामने चमकती रोशनी, धब्बे या अलग-अलग आकृतियां दिखाई दे सकती हैं और नजर में बदलाव महसूस हो सकता है। इसके अलावा हाथ-पैर में झनझनाहट या सुन्नपन और बोलने में परेशानी भी हो सकती है। ऐसे लक्षणों को समझना इसलिए जरूरी है, क्योंकि हर तरह के अचानक नजर या बोलने से जुड़े बदलाव को केवल माइग्रेन मान लेना सही नहीं है।
दर्द खत्म होने के बाद भी रह सकती है थकान
माइग्रेन का असर सिरदर्द खत्म होने के साथ तुरंत खत्म हो जाए, ऐसा जरूरी नहीं है। अटैक के बाद कुछ लोगों को काफी थकान, कमजोरी या उलझन महसूस हो सकती है। इस दौरान शरीर को आराम देने और सामान्य दिनचर्या में धीरे-धीरे लौटने की जरूरत पड़ सकती है। माइग्रेन का बार-बार होना रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर रहा हो तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
राहत के लिए दिनचर्या का रखें ध्यान
माइग्रेन की परेशानी को संभालने में नियमित दिनचर्या महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। पर्याप्त नींद लेना, समय पर भोजन करना और पर्याप्त पानी पीना जरूरी है। तेज रोशनी या शोर से परेशानी होने पर शांत और कम रोशनी वाली जगह पर आराम करना राहत दे सकता है। नियमित हल्की शारीरिक गतिविधि और तनाव को नियंत्रित रखने की कोशिश भी मददगार हो सकती है। माइग्रेन कब हुआ और उससे पहले क्या खाया, कितनी नींद ली या कौन-सी परिस्थिति रही, इसकी जानकारी लिखने से संभावित कारणों को पहचानने में मदद मिल सकती है।
इन संकेतों पर तुरंत लें चिकित्सकीय मदद
अगर सिरदर्द बार-बार हो रहा है, पहले से ज्यादा गंभीर हो गया है या उसका तरीका अचानक बदल गया है, तो चिकित्सक से सलाह लेना जरूरी है। वहीं अचानक बहुत तेज सिरदर्द, बुखार के साथ गर्दन में अकड़न, भ्रम, दौरे, बोलने में परेशानी, नजर में गंभीर बदलाव या शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी अथवा सुन्नपन जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत चिकित्सकीय मदद लेनी चाहिए। सिर पर चोट लगने के बाद तेज सिरदर्द होने पर भी देरी नहीं करनी चाहिए।